हाइपरपिगमेंटएड फेस का कारण और इससे मुक्ती | Hyperpigmented Face in Hindi – डॉ. उर्मिला निश्चल
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हाइपरपिगमेंटएड फेस का कारण और इससे मुक्ती | Hyperpigmented Face in Hindi – डॉ. उर्मिला निश्चल

हमारे स्किन का रंग होता है , उसमे मेलेनिन एक पिग्मेंट होता है। वो अगर लेत है तो हम गोर दीखते है और अगर हम डार्क या सावले दीखते है। अगर ये रंग ज़्यादा हाइपरपिग्मेंटेशन बोलते है। अगर ये काम है तो इसे हायपोपिगमेंटेशन बोलते है। अगर सावले है या स्किन डार्क दीखते है तो हमें चिंता होती है। इसकी वजह या सं एक्सपोशर। अगर घुमते है उससे अल्ट्रावाइलेट रश्मि पड़ते है और स्किन डार्क होता है। इसे फोटोपिग्मेन्टेशन या टैनिंग होता है। पिम्पल्स के कारण भी स्किन डार्क होते है। पिम्पल्स को फोड़ने के देखते हो तो स्किन इर्रिटेट होक स्किन डार्क होते है। फ्रेकल्स नाम के बारेख बारीख स्पॉट्स होते है , ब्राउन रंग का आता अपने उम्र के हिसाब से भी होता है। दूसरा है मेकलास्मा, स्ट्रेस के वजह से, बटरफ्लाइ शेप पे अपने गालों पे होते है , नोज पे होता है। ररली फोरहेड, अप्पर लिप पे भी हो सकता है। अगर अनादर कुछ अलग प्रॉब्लम के वजह से भी पिग्मेंटेशन होते है। इसे लाइकेन प्लेनुस पिग्मेंटेशन बोलते है या बोलते है। दूसरा कारण है हेयर डाई पिग्मेंटेशन। अगर हम बालों में रंग लगाते है उसमे पि पि डी नाम का इंग्रीडिएंट होता है। आप घरेलु उपाय जैसे की कोफ़ी, चाय लाके अपने बाल में लगा सकते है। आपको सनस्क्रीन लगान है। बहुत सारे सनस्क्रीन है जिसमे इस पि एफ सीखते है , आपको देखना है की अल्ट्रावाइलेट प्रोटेक्शन है या इंफ्रारेड प्रोटेक्शन है। जो सनस्क्रीन आपको इन सबसे प्रोटेक्शन दे आपको वो इस्तेमाल करना है और हमेशा ४ या ५ घण्टे में ललिये। जिस कारण से आपका स्की डार्क हो रहा है वो वही पे रुकेगा और स्किन लाइटनिंग इस्तेमाल करे जिसमे अर्ब्यूटिन कोजिक एसिड , लिकोरिस , ग्लॉकोलिक एसिड , रेटिनॉल, ऐसे जो इंग्रीडिएंट। आपको ध्यान रखना है की स्टेरॉयड क्रीम नहीं लगाना है क्यूंकि इससे अगर स्किन लेत होती है वो टेम्पोरेरी है और वो सही तरीका नहीं है। उससे स्किन बहुत दमाज होगा। अगर ये सब करके आपका स्किन लेत नहीं हो रहा है तो आप अपने स्किन स्पेशलिस्ट से मिलिए , तो वो केमिकल पील या लेज़र करेंगे।

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